वो जो आखिरी सांस तक तुझे देखने की चाहत है,
शायद इसी एहसास का नाम तो मोहब्बत है!!
हम दोनों जब साथ चल रहे होते हैं,
तो लगता है ये रास्ता कभी ख़तम ना हो.
साथ चलते जब तुम बोल रही होती हो,
तो लगता है ये किस्सा कभी ख़तम ना हो.
अलविदा बोलते जब दो पल हाथ मिलता है,
तो लगता है ये वक़्त कभी ख़तम ना हो.
तब वो जो आखिरी मोड़ तक तुझे देखने की आदत है,
शायद इसी एहसास का नाम तो मोहब्बत है!!
जब भी कभी मैं अकेला होता हूँ,
तो लगता है फिर कब तुमसे मुलाक़ात हो.
वो जो हमेशा तुमसे होती है,
फिर कब वो प्यारी सी हंसी बात हो.
वो जो तुम्हारे चेहरे पे प्यारी मुस्कान लाती है,
छोटी छोटी बातों में फिर कब तुमसे मात हो.
वो जो हर पल तुम्हारे बारे में सोचने की आदत है,
शायद इसी एहसास का नाम तो मोहब्बत है!!
जब भी कभी मैं महफ़िल में होता हूँ,
तो हमेशा कुछ बात तुम्हारी याद दिलाती है.
जब एक याद से बाहर आता हूँ,
तो वो याद तुम्हारी कोई और याद दिलाती है.
जब दोस्तों की आवाज़ सुन महफ़िल में वापस आता हूँ,
तो मेरे चेहरे पे एक बेशकीमती मुस्कान आती है.
वो जो भीड़ में भी खुद को तन्हा पाने की आदत है.
शायद इसी एहसास का नाम तो मोहब्बत है!!
तुम्हारे साथ रहूं, अकेले रहूं या औरों के साथ रहूं,
रहती तो तुम ही हो, सदा मेरे साथ में.
उलझते जा रहूं मैं, ज़िन्दगी के कशमकश में,
क्यूंकि अब तुम ही रहती हो, मेरे हर याद में.
अब ना कुछ होश रहता है, और ना कुछ ध्यान रहता है,
बस तुम्हारा ही नाम रहता है, मेरे हर सांस में.
वो जो आखिरी सांस तक तुझे देखने की चाहत है,
शायद इसी एहसास का नाम तो मोहब्बत है!!
- Manoj
No comments:
Post a Comment